Tuesday, April 8, 2014

BJP favours amit shah on hate speech issue

भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के करीबी और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अमित शाह के बदला लेने वाले बयान का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने सोमवार को उन्हें आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रथम-दृष्टया उल्लंघन का नोटिस जारी किया। चुनाव आयोग ने शाह को तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।

आयोग ने यह नोटिस उत्तर प्रदेश के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में प्रचार के दौरान शाह द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर जारी किया है। चुनाव आयोग ने शाह से पूछा है कि मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर में उनके भाषणों के आधार पर क्यों न उनके खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई शुरू की जाए।

शाह को जारी नोटिस में कहा गया है कि आयोग के अनुसार उक्त बयान देकर उन्होंने (शाह) प्रथम-दृष्टया आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसलिए आयोग 9 अप्रैल (बुधवार) शाम पांच बजे तक उन्हें अपना पक्ष रखने की मोहलत देता है। अगर उन्होंने इस समय सीमा में जवाब नहीं दिया तो आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

उल्लेखनीय है कि शाह के उस बयान के बाद विवाद पैदा हो गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि आम चुनाव खासकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में सम्मान के लिए चुनाव हैं। ये चुनाव अपमान का बदला लेने के लिए हैं। ये चुनाव उन लोगों से बदला लेने के लिए हैं जिन्होंने अपमान किया है। ध्यान रहे शाह के इस तरह के बयानों के बाद यूपी में दो जगह शाह के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज हुई है। भाजपा ने एफआइआर की आलोचना करते हुए इसे उप्र में चुनाव का धु्रवीकरण करने की सोची समझी चाल बताया है। जबकि कांग्रेस ने शाह के बयानों की आलोचना करते हुए चुनाव आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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