Tuesday, April 8, 2014

Election fight in eastnorthern states

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में धुंआधार प्रचार किया है। उनकी खास नजर उत्तर-पूर्वी राज्यों पर भी रही, जहां कि 25 लोकसभा सीटों को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। असम की 14 सीटें छोड़ दें तो अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम की ग्यारह सीटों पर भाजपा ने इस बार खास तवज्जो दी है। वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने यहां प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है। देखना यह है कि क्या यहां तक मोदी की लहर पहुंच पाती है या नहीं।

अरुणाचल प्रदेश

    कुल सीटः 02

    मतदानः 09 अप्रैल

    2009 का परिणामः दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में।

    कांग्रेस ने यहां 1977, 1980, 1984, 1989, 1991, 1999 और 2009 में जीत दर्ज की है।

    भाजपा केवल एक बार 2004 में जीत पाई थी।

    वर्तमान में एन. इरिंग अरुणाचल ईस्ट से और तकम संजय अरुणाचल वेस्ट से सांसद हैं।

    इरिंग अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री हैं। 2011 में उन्होंने बाबा रामदेव के खिलाफ अपशब्द कहे थे, तब चर्चा में आए थे। हालांकि बाद में माफी मांग ली थी।

    उन्होंने दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो की मौत का मामला भी उठाया था।

    अरुणाचल में मालोगांव स्थान पर केवल दो मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया जाता है।

    प्रदेश में कुल मतदाता 7.35 लाख हैं।

नगालैंड

    कुल सीटः 01

    मतदानः 09 अप्रैल

    2009 का परिणामः भाजपा-कांग्रेस दोनों ने सीट गवां दी थी।

    इस बार एन. रियो और केवी पुसा के बीच कड़ी टक्कर है।

    रियो राज्य के मुख्यमंत्री भी हैं और भाजपा की सरकार बनने पर नगालैंड से पहले केंद्रीय मंत्री बनने का गौरव हासिल करना चाहते हैं।

    भाजपा के समर्थन वाले डेमोक्रेटिक एलायंस ऑफ नगालैंड गठबंधन ने रियो को उम्मीदवार बनाया है।

    रियो के सामने कांग्रेस के पुसा है जो सांसद चुनकर राष्ट्रीय राजनीति में जाना चाहते हैं।

    पुसा चार बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में उनका भी खासा प्रभाव है।

मणिपुर

    कुल सीटः 02

    मतदानः 09 व 17 अप्रैल

    2009 का परिणामः दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में।

    प्रदेश की दो लोकसभा सीटों के लिए कुल 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। आउटर मणिपुर से दस तो इनर मणिपुर से आठ उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।

    आउटर मणिपुर पर मुख्य मुकाबला वर्तमान सांसद कांग्रेस के थांगसो बैते और भाजपा के जी. कमई के बीच होगा।

    वहीं इनर मणिपुर पर वर्तमान सांसद कांग्रेस के टी. मैन्या और भाजपा के आरके रंजन मैदान में हैं।

    भाजपा-कांग्रेस के अलावा दोनों सीटों पर आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, नपा पीपुल्स फ्रंट ने भी प्रत्याशी उतारे हैं।

मिजोरम

    कुल सीटः 01

    मतदानः 09 अप्रैल

    2009 का परिणामः कांग्रेस प्रत्याशी जीत मिली थी

    इकलौती सीट पर तीन प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि इनके भाग्य का फैसला सात लाख मतदाता करेंगे।

    कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और यूडीएफ ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है।

    जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस के वर्तमान सांसद सीएस रूला को यूडीएफ के रोबर्ट रोयते के कड़ी चुनौती मिल सकती है।

    भाजपा ने रोयते को अपना समर्थन दिया है।

त्रिपुरा

    कुल सीटः 02

    मतदानः 07 व 12 अप्रैल

    2009 का परिणामः अन्य के खाते में गई थी दोनों सीटें

    त्रिपुरा ईस्ट और त्रिपुरा वेस्ट, दो लोकसभा सीटे हैं।

    त्रिपुरा वेस्ट से भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम के अलावा तृणमूल कांग्रेस ने भी प्रत्याशी खड़ा किया है।

    माना जा रहा है कि इसका फायदा सीपीएम को हो सकता है।

    यहां से 1996 से सीपीएम के खगन दास जीतते रहे हैं। हालांकि इस बार उनके स्थान पर शंकर प्रसाद दत्त को टिकट मिला है।

    भाजपा की ओर से सुधींद्र दासगुप्ता चुनौत दे रहे हैं।

मेघालय

    कुल सीटः 02

    मतदानः 09 अप्रैल

    2009 का परिणामः एक सीट कांग्रेस, तो दूसरी अन्य के खाते में।

    शिलांग और तुरा, दो लोकसभा सीटें हैं।

    कांग्रेस ने शिलांग से वर्तमान सासंद विनसेंट एच. पाला और तुरा से डायल मोमिन को टिकट दिया है।

    राकांपा ने वोट काटने के बजाए कांग्रेस का साथ देने का फैसला किया है। राकांपा के दो विधायक प्रदेश विधानसभा में हैं।

    भाजपा का विधानसभा में कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन उसने शिलांग से प्रत्याशी खड़ा किया है।

सिक्किम

    कुल सीटः 01

    मतदानः 12 अप्रैल

    2009 का परिणामः अन्य के खाते में।

    यहां लोकसभा चुनावों से ज्यादा माहौल विधानसभा चुनावों का है।

    सिक्किम में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, सिक्किम संग्राम परिषद एवं कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव है।

    अभी डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार है। मुख्यमंत्री की कुर्सी 63 वर्षीय पवन कुमार चामलिंग संभाल रहे हैं।

    भाजपा ने भी अपना प्रत्याशी उतारा है और नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं।

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