Plan to bring priyanka into active politics and bigger role in cong
लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा की बढ़ी हुई भूमिका को पार्टी भविष्य से जोड़कर देख रही है। चुनावी रणनीति बनाने में प्रियंका का बढ़ता दखल और पार्टी उपाध्यक्ष से उनकी करीबी को पार्टी में उनकी आमद का संकेत माना जा रहा है।
अभी तक राजनीतिक सक्रियता के नाम पर रायबरेली और अमेठी तक सिमटी प्रियंका इन चुनावों में न सिर्फ पार्टी का प्रबंधन देख रही हैं बल्कि महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी भी निभा रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए चुनावों में रणनीतिक भूमिका निभा रही प्रियंका राजनीति में आ सकती हैं।
अब तक उनकी सियासी भूमिका को लेकर परिवार की इच्छा पर निर्भर रहने की बात कहने वाली पार्टी भी स्वीकार करने लगी है कि वह सिर्फ गांधी परिवार की सदस्य ही नहीं पार्टी की अहम सदस्य भी हैं।
गांधी परिवार के करीबी और पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने 'दैनिक जागरण' से प्रियंका की राजनीतिक सक्रियता के संबंध में पूछे जाने जो कहा कि वह भविष्य में उनकी भूमिका को स्पष्ट कर देता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रश्न कम से कम मेरे लिए अर्थहीन है। जहां तक मुझे जानकारी है, राजनीति में उनकी रुचि बहुत कम आयु से ही थी।
राजनीतिक घटनाओं और राजनीतिक भाषा की गहराई को वह आरंभ से ही समझना चाहती थीं। मेरे पास इसका प्रमाण भी है। लेकिन मैं उसकी चर्चा अभी नहीं करना चाहता। सिर्फ यह संकेत करना चाहता हूं कि इस संबंध में 1990 में राजीव जी ने मुझसे कुछ कहा था।
अभी बस इतना ही।' इससे पहले भी प्रियंका राहुल के राजनीतिक सहयोग में दिखती रही हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा में हुई करारी हार के बाद राहुल जब मीडिया के सामने आए थे तो पीछे प्रियंका भी भाई को संबल देने खड़ी थीं। फिलहाल राहुल गांधी के आवास स्थित कार्यालय और 15 जीआरजी स्थित चुनावी वार रूम में सक्रिय प्रियंका गांधी की आमद निराश कार्यकर्ताओं में जान फूंक सकती है।
अभी तक राजनीतिक सक्रियता के नाम पर रायबरेली और अमेठी तक सिमटी प्रियंका इन चुनावों में न सिर्फ पार्टी का प्रबंधन देख रही हैं बल्कि महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी भी निभा रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए चुनावों में रणनीतिक भूमिका निभा रही प्रियंका राजनीति में आ सकती हैं।
अब तक उनकी सियासी भूमिका को लेकर परिवार की इच्छा पर निर्भर रहने की बात कहने वाली पार्टी भी स्वीकार करने लगी है कि वह सिर्फ गांधी परिवार की सदस्य ही नहीं पार्टी की अहम सदस्य भी हैं।
गांधी परिवार के करीबी और पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने 'दैनिक जागरण' से प्रियंका की राजनीतिक सक्रियता के संबंध में पूछे जाने जो कहा कि वह भविष्य में उनकी भूमिका को स्पष्ट कर देता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रश्न कम से कम मेरे लिए अर्थहीन है। जहां तक मुझे जानकारी है, राजनीति में उनकी रुचि बहुत कम आयु से ही थी।
राजनीतिक घटनाओं और राजनीतिक भाषा की गहराई को वह आरंभ से ही समझना चाहती थीं। मेरे पास इसका प्रमाण भी है। लेकिन मैं उसकी चर्चा अभी नहीं करना चाहता। सिर्फ यह संकेत करना चाहता हूं कि इस संबंध में 1990 में राजीव जी ने मुझसे कुछ कहा था।
अभी बस इतना ही।' इससे पहले भी प्रियंका राहुल के राजनीतिक सहयोग में दिखती रही हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा में हुई करारी हार के बाद राहुल जब मीडिया के सामने आए थे तो पीछे प्रियंका भी भाई को संबल देने खड़ी थीं। फिलहाल राहुल गांधी के आवास स्थित कार्यालय और 15 जीआरजी स्थित चुनावी वार रूम में सक्रिय प्रियंका गांधी की आमद निराश कार्यकर्ताओं में जान फूंक सकती है।
Source: Lok Sabha Elections 2014
Labels: election news 2014, Lok Sabha Elections 2014 Candidates, lok sabha elections 2014 dates, Lok Sabha Elections 2014 Prediction, lok sabha elections 2014 schedule
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