Wednesday, March 26, 2014

Modi will do average four rally per day

'चाय पर चर्चा' जैसे कार्यक्रमों के जरिए वोटरों से सीधा संपर्क बनाने में जुटे भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में भी कुछ ऐसा ही करेंगे। रैलियों के लिए खुद ही मतदाताओं को लिखित निमंत्रण भेजेंगे और साथ ही भाजपा की सरकार बनने पर साठ महीने में निराशा को आशा में तब्दील करने का वादा करेंगे। मोदी हर रोज औसतन चार रैलियां करेंगे। वह 46 दिनों में 185 रैलियां करेंगे।

लगभग हर राज्य में कम से कम एक बड़ी रैली कर चुके मोदी 26 मार्च से लोकसभा चुनाव के लिए औपचारिक प्रचार अभियान शुरू करेंगे। वैष्णो देवी की पूजा कर जम्मू से 'भारत विजय रैली' की शुरुआत होगी तो पहले ही दिन कम से कम तीन रैलियां करेंगे। कोशिश होगी कि करीब तीन सौ संसदीय क्षेत्रों में वह किसी न किसी प्रकार जनता को संबोधित करें।

भाजपा के अंदर उठे विवाद और घमासान को नजरअंदाज करते हुए पार्टी ने चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। चुनाव कार्यक्रम का जिम्मा संभाल रहे मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि मोदी 185 से ज्यादा रैलियां करेंगे। ध्यान रहे कि भाजपा लगभग 280 सीटों पर कभी न कभी जीत हासिल कर चुकी है। 272 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रहे मोदी ने भी तीन सौ सीटों पर नजरें जमा दी हैं। लिहाजा, उन क्षेत्रों में जरूर प्रचार करेंगे। शुरुआत जम्मू से होगी। पहले दिन संभवत: ऊधमपुर में वह रैली करेंगे। उसके बाद उत्तर प्रदेश की किसी सीट और आखिरकार दिल्ली में रैली करेंगे। कोशिश यह होगी कि हर रोज वह दो से तीन राज्यों में रैली करें। इसी प्रकार पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी डेढ़ सौ से ज्यादा रैलियां करेंगे। लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली जैसे स्टार प्रचारकों का भी विस्तृत कार्यक्रम बनाया जा रहा है। 

मोदी के चुनाव प्रचार में कुछ नया भी दिखेगा। मसलन, मोदी अपनी रैलियों के लिए वोटर को लिखित निमंत्रण भेजेंगे। उनसे यह अपील की जाएगी कि वह अपनी समस्याओं के बारे में बताएं। यह लिखित वादा भी होगा कि भाजपा सरकार पांच साल में उनका निदान करेगी। कोशिश यह है कि चुनाव प्रचार सिर्फ रैली तक सीमित न रहे बल्कि लोगों की भागीदारी हो। लिहाजा 'नमो समाधान' सुझाया जाएगा जिसमें धर्मनिरपेक्षता के अर्थ लेकर कृषि और गांव तक पर मोदी को सोच बताई जाएगी। तो रैली में पहुंचे लोगों से सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसके लिए पार्टी ने प्रोफार्मा तैयार कर लिया है। बात यहीं नहीं रुकेगी। नकवी के मुताबिक इन सुझावों को एकत्रित कर उसे छांटा जाएगा और आने वाली भाजपा सरकार उस दिशा में काम करेगी।

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