Thursday, March 27, 2014

Rajasthan is luckey for parachute candidate

राजस्थान की बंजर भूमि बाहर से आने वाले पैराशूट उम्मीदवारों के लिए काफी उपजाऊ रही है। राजस्थान में आकर चुनाव जीतने वाले नेता उप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री तक के पद पर पहुंचते रहे हैं। इन हस्तियों में चौधरी देवीलाल, बूटा सिंह, बलराम जाखड़ और राजेश पायलट शामिल है। इस बार भी टोंक -सवाईमाधोपुर सीट पर तीन बाहरी प्रत्याशी हैं।

1989 में जनता दल से चौधरी देवीलाल राजस्थान की सीकर सीट से लोकसभा पहुंचे थे तो सरकार में सीधे नंबर दो बन गए थे। हालांकि एक वक्त पर उनके प्रधानमंत्री बनने की भी संभावना हो गई थी। वीपी सिंह सरकार में वह उप प्रधानमंत्री बनाए गए थे। राजेश पायलट और बूटा सिंह भी केंद्र सरकार में सिरमौर बने रहे। पायलट उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के वेदपुरा गांव में जन्मे थे। 1980 में वह भरतपुर से सांसद चुने गए। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मित्र रहे पायलट 1984, 1991, 1996, 1998 और 1999 में दौसा लोकसभा सीट से चुनाव जीते और केंद्र में अहम मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। उनके पुत्र सचिन पायलट को अब तो बाहरी नहीं कहा जा सकता है लेकिन उनकी भी केंद्र में रसूख रही है। केंद्र में मंत्री, राज्यपाल, आयोग के अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रहे बूटा सिंह ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद ही राजस्थान आ गए थे। वह 1984 में जालोर से सांसद चुने गए और केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री बने। इस बार फिर से बूटा सिंह मैदान में हैं।

पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले बलराम जाखड़ को भी राजस्थान की भूमि ही रास आई। 1984 में वह सीकर से जीते थे। उन्हें लोकसभा अध्यक्ष जैसा संवैधानिक पद मिला था।

भाजपा में बतौर अध्यक्ष विवादित रहे बंगारू लक्ष्मण हैदराबाद से राजस्थान आकर जालौर से लड़े थे। यह और बात थी कि वह जीत नहीं पाए थे। उसके बाद ही वह एक स्टिंग ऑपरेशन का शिकार हो गए थे। भाजपा ने उनकी पत्नी सुशीला बंगारू लक्ष्मण को जालोर सीट से 2004 में टिकट दिया था और वह बूटा सिंह को हराकर अपने पति की हार का बदला लेने में कामयाब रही थीं। यह तो बात राजनीतिज्ञों की थी। वह सफल भी रहे। लेकिन बीकानेर से चुनाव जीतने वाले धर्मेद्र बुरी तरह फ्लाप रहे। उन्होंने दूसरी बार चुनाव की बात भी नहीं सोची। इस बार कांग्रेस ने क्रिकेटर अजहरूद्दीन तो भाजपा ने दिल्ली के सुखवीर सिंह जौनपुरिया को और समाजवादी पार्टी ने कश्मीर के कमर रब्बानी चेची को टोंक सवाईमाधोपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है।

Labels: , , ,

Wednesday, March 26, 2014

Modi will do average four rally per day

'चाय पर चर्चा' जैसे कार्यक्रमों के जरिए वोटरों से सीधा संपर्क बनाने में जुटे भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में भी कुछ ऐसा ही करेंगे। रैलियों के लिए खुद ही मतदाताओं को लिखित निमंत्रण भेजेंगे और साथ ही भाजपा की सरकार बनने पर साठ महीने में निराशा को आशा में तब्दील करने का वादा करेंगे। मोदी हर रोज औसतन चार रैलियां करेंगे। वह 46 दिनों में 185 रैलियां करेंगे।

लगभग हर राज्य में कम से कम एक बड़ी रैली कर चुके मोदी 26 मार्च से लोकसभा चुनाव के लिए औपचारिक प्रचार अभियान शुरू करेंगे। वैष्णो देवी की पूजा कर जम्मू से 'भारत विजय रैली' की शुरुआत होगी तो पहले ही दिन कम से कम तीन रैलियां करेंगे। कोशिश होगी कि करीब तीन सौ संसदीय क्षेत्रों में वह किसी न किसी प्रकार जनता को संबोधित करें।

भाजपा के अंदर उठे विवाद और घमासान को नजरअंदाज करते हुए पार्टी ने चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। चुनाव कार्यक्रम का जिम्मा संभाल रहे मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि मोदी 185 से ज्यादा रैलियां करेंगे। ध्यान रहे कि भाजपा लगभग 280 सीटों पर कभी न कभी जीत हासिल कर चुकी है। 272 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रहे मोदी ने भी तीन सौ सीटों पर नजरें जमा दी हैं। लिहाजा, उन क्षेत्रों में जरूर प्रचार करेंगे। शुरुआत जम्मू से होगी। पहले दिन संभवत: ऊधमपुर में वह रैली करेंगे। उसके बाद उत्तर प्रदेश की किसी सीट और आखिरकार दिल्ली में रैली करेंगे। कोशिश यह होगी कि हर रोज वह दो से तीन राज्यों में रैली करें। इसी प्रकार पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी डेढ़ सौ से ज्यादा रैलियां करेंगे। लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली जैसे स्टार प्रचारकों का भी विस्तृत कार्यक्रम बनाया जा रहा है। 

मोदी के चुनाव प्रचार में कुछ नया भी दिखेगा। मसलन, मोदी अपनी रैलियों के लिए वोटर को लिखित निमंत्रण भेजेंगे। उनसे यह अपील की जाएगी कि वह अपनी समस्याओं के बारे में बताएं। यह लिखित वादा भी होगा कि भाजपा सरकार पांच साल में उनका निदान करेगी। कोशिश यह है कि चुनाव प्रचार सिर्फ रैली तक सीमित न रहे बल्कि लोगों की भागीदारी हो। लिहाजा 'नमो समाधान' सुझाया जाएगा जिसमें धर्मनिरपेक्षता के अर्थ लेकर कृषि और गांव तक पर मोदी को सोच बताई जाएगी। तो रैली में पहुंचे लोगों से सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसके लिए पार्टी ने प्रोफार्मा तैयार कर लिया है। बात यहीं नहीं रुकेगी। नकवी के मुताबिक इन सुझावों को एकत्रित कर उसे छांटा जाएगा और आने वाली भाजपा सरकार उस दिशा में काम करेगी।

Labels: , , , ,

Modi's mega poll campaign to begin today

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के हीरानगर में भारत विजय रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यहां की जनता के प्यार को ब्याज समेत वापस करूंगा।

इससे पहले नरेंद्र मोदी आज सुबह सांझी छत पहुंचे और वहां से माता वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचे। मां के दर्शन करने के बाद मोदी भारत विजय रैली को संबोधित करने के लिए कठुआ के हीरानगर पहुंचे। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश में दो और दिल्ली में एक रैली को संबोधित करेंगे।

रैली में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि 30 साल से जम्मू-कश्मीर लहुलूहान है। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल में यहां के विकास और शांति के लिए जो नींव डाली थी उसे सही दिशा में ले जाना है।

उन्होंने देश में व्याप्त बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विरोधी दल उनके विकास, किसान और महंगाई के मुद्दे का जवाब धर्मनिरपेक्षता से देते हैं। वे धर्मनिरपेक्षता की आड़ में देश की ज्वलंत समस्याओं का जवाब देने से बच जाते हैं। कांग्रेस भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दों पर जवाब देने की ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी समस्या का समाधान विकास के बिना संभव नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जय किसान, जय जवान का नारा देने वाली पार्टी की आज की नीति मर किसान, मर जवान है। आज सरहदों पर भारतीय जवानों के सिर काटे जा रहे हैं, परंतु कांग्रेस नीत संप्रग सरकार इस पर चुप्पी साधे बैठे है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को तीन नए सिपाही मिल गए हैं, जोकि पाक की नई ताकत है। एक है एक47 जिसकी गोलियों का प्रयोग हमारे सैनिकों के ऊपर किया जाता है। दूसरे है एके एंटनी, जो कि भारत के रक्षा मंत्री होते हुए भी संसद में ऐसे बयान देते हैं जैसे पाकिस्तान सेना अपना पक्ष रख रही है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक अन्य है एके-49 जिन्होंने अभी-अभी एक पार्टी को जन्म दिया है। इनकी पार्टी की वेबसाइट पर दिए गए नक्शे में कश्मीर पाकिस्तान को सौंप दिया गया है। उनके नेता कहते हैं जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह होना, जिस पर पाकिस्तान खुश होता है। वे पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। यहां के सैनिकों के सिर कट जाते हैं परंतु वे कुछ नहीं बोलते।

मोदी ने कहा कि सैकड़ों हिंदू वर्षो से भारतीय नागरिकता के लिए तरस रहे हैं। परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। वहीं, बांग्लादेश मुसलमानों को यहां से आसानी की नागरिकता मिल जाती है और उनके लिए हकों की बात की जाती है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की उत्तर पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क में होने वाली रैली की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस दिन भर जुटी रही। जिला पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त वीवी चौधरी समेत सुरक्षा शाखा के अधिकारी रैली स्थल पर सुरक्षाकर्मियों को दिशा निर्देश देते रहे। रैली को लेकर भाजपा नेता भी दिन भर जुटे रहे। कार्यकर्ताओं को पास उपलब्ध करवाने से लेकर रैली में आने वाले लोगों की सूची बनाने में लगे रहे।

जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रैली को लेकर आतंकी हमले का खतरा है। इस वजह से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल और सुरक्षा विंग के अधिकारियों ने भी रैली स्थल और आसपास के इलाकों का जायजा लिया। रैली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला पुलिस ने सुरक्षा बलों की कई अतिरिक्त कंपनियां मांगी हैं। अधिकारियों के अनुसार मोदी की रैली में आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए कई चक्रीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जहां पहले घेरे में जिला पुलिस के जवान रहेंगे वहीं दूसरे घेरे में अ‌र्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां रहेंगी। सुरक्षा विंग के कर्मचारी भी आने जाने वालों की जांच में जुटे रहेंगे। इसके अलावा रैली के दौरान मंच के आसपास तीन चक्रीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मंच के आसपास के क्षेत्र में वीआइपी और वीवीआइपी पास धारक ही पहुंच पाएंगे। रैली के दौरान लोगों के बीच में काफी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसमें स्पेशल सेल के जवान व अधिकारी भी रहेंगे। काफी तादाद में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। रैली को लेकर भाजपा नेता मंगलवार को दिन भर मंथन करते रहे। भाजपा के विभिन्न मंडलों ने 20 हजार कार्यकर्ताओं को पास दिए गए हैं। काफी संख्या में आम लोग भी रैली में आएंगे। टेंट लगने से से लेकर बैरीकेडिंग और कुर्सियों आदि की व्यवस्था का जायजा लेने में भाजपा नेता जुटे रहे। इस रैली में दिल्ली के सभी सात संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी पहुंचेगे। चूंकि शास्त्री पार्क का डीडीए मैदान छोटा है इस वजह से पुलिस व जिला प्रशासन ने ज्यादा लोगों को रैली में शामिल नहीं करने का आग्रह किया है। इससे सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।

रैली के दौरान लगेगा जाम:

रैली के दौरान जीटी रोड पर जाम रहने की संभावना है। जिससे रैली के दौरान वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करने की यातायात पुलिस ने सलाह दी है।

Labels: , , , ,

Monday, March 24, 2014

Suspense starts on nagina lok sabha seat

नगीना लोकसभा सीट ने राजनीतिक दलों को भ्रम के भंवर में डाल दिया है। सपा के कब्जे से सीट निकालने के लिए बसपा और भाजपा पूरी तिकड़म भिड़ा रहे हैं। सपा अपना दबदबा बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अब देखना यह है कि 17 अप्रैल को होने वाले मतदान महायज्ञ का प्रसाद किसके हिस्से में आएगा।

वर्ष 2009 में अमरोहा लोकसभा सीट से स्योहारा और धामपुर विधानसभा तथा बिजनौर लोकसभा सीट से अफजलगढ़, नगीना और नजीबाबाद काटकर नगीना लोकसभा सीट बनाई गई। स्योहारा विधानसभा को नूरपुर और अफजलगढ़ को बढ़ापुर नाम दिया गया। इस लोकसभा क्षेत्र से सपा ने यहां पर यशवीर सिंह धोबी को उतारा था और उन्होंने बसपा के आरके सिंह को शिकस्त दी थी, जबकि भाजपा और रालोद के गठबंधन के प्रत्याशी मुंशी रामपाल तीसरे नंबर पर आए थे। यशवीर सिंह को 2,34,739 तथा बसपा के आरके सिंह 1,75,056 वोट मिले। जबकि मुंशीरामपाल को 1,62,897 और कांग्रेस प्रत्याशी इसम सिंह मात्र 31,770 वोटों पर सिमट गए थे।

सपा को छोड़कर स्थिति इस बार जुदा है। मोहरे भी और राजनीतिक बिसात भी। बसपा ने इस बार पूर्व विधायक गिरीशचंद और सपा ने अपने पुराने सांसद यशवीर पर ही दांव लगाया है। कांग्रेस और रालोद ने इस सीट से खुद का पल्ला झाड़कर रणक्षेत्र गठबंधन के सहयोगी महानदल को सौंप दिया है। अब भगवानदास राठौर इस सीट से ताल ठोंक रहे हैं। आम आदमी पार्टी से सारिका चौधरी व पीस पार्टी से पूर्व सांसद शीशराम सिंह रवि समेत आधा दर्जन से अधिक दावेदार मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

भाजपा से डा. यशवंत सिंह नामांकन करा चुके हैं, लेकिन अभी उनके प्रत्याशी बनने पर संदेह के बादल पूरी तरह छंटे नहीं हैं। इस सीट पर भाजपा के तीन दर्जन दावेदार पहले ही थे। अब पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान का नाम भी अचानक चर्चा में आ गया है। सपा की निगाह मुस्लिमों के साथ ही चौहान बिरादरी पर भी है। प्रदेश सरकार में मंत्री व धामपुर विधायक मूलचंद चौहान इसी बिरादरी से हैं। बसपा दलितों के साथ ही मुस्लिमों में सेंध लगाने में जुटी है। भाजपा प्रत्याशी मोदी के नाम पर मैदान में उतर रहे हैं। अन्य दलों के प्रत्याशी भी जीत के दावे कर रहे हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि जो भी प्रत्याशी या पार्टी मतदाताओं को अपना पक्ष समझाने में सफल हो जाएगी नगीना की जीत का 'नगीना' उसी की अंगूठी में होगा।

Labels: , , , ,

Hi tech rath used by candidates in our rally

इस बार लोकसभा चुनाव में प्रचार की जंग हाइटेक रथों से लड़ी जाएगी। अब तो दूर-दराज क्षेत्र के साथ और गांव में ऊबड़खाबड़ और धूल भरे रास्तों पर बड़े एलईडी टीवी व वीडियो स्क्रीन के जरिए दिग्गजों के संदेश लोगों तक पहुंचेंगे।

अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेकर चुनावी वादे कर और विकास के इरादे जता वोटरों को लुभाने का दौर मतदान के दिन तक चलेगा। गांवों में बिजली दर्शन भले ही न होते हो परन्तु हाईटेक प्रचार रथों में लगे पावर बैकअप जनरेटर व इन्वर्टरों से विशेष लघु फिल्मों, वरिष्ठ नेताओं के भाषण और उन पर बनाए गए गीतों को दिखाया व सुनाया जायेगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे संवाद करने की सुविधा भी विशेष रथों पर होगी। चुनावी प्रचार में तकनीकी का इस्तेमाल अमेरिकन अंदाज में कर रही भाजपा ने अन्य प्रदेशों की तरह यूपी में भी 401 'मोदी रथ' प्रचार में उतारे हैं। पड़ोसी राज्य बिहार में 500 और मध्यप्रदेश में 543 रथ लगे है।

हर पल रहेगी नजर

प्रत्येक रथ में व्हीकल ट्रैकिंग डिवायस लगाया है। जिससे कौन सा रथ किस गांव में खड़ा है, चल रहा है या रुका हुआ है, इसकी पूरी जानकारी कंट्रोल रूम में होगी। भाजपा महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि रथ से संबंधित जानकारी गूगल मैप से रनिंग डिवायस पर दिखती रहेगी। रथों में नरेंद्र मोदी व राजनाथ सिंह के भाषणों की सीडी उपलब्ध होगी और चुनावों वादों वाला प्रचार होगा। मोदी से सीधे जुड़ने को एक फोन नम्बर भी दिया गया है। उस नंबर पर मिस काल कर मोदी से जुड़ा जा सकता है।

पढ़ें: मोदी के रथ को रोकने के लिए उतरेंगी प्रियंका?

सुझाव भी मांगेंगे

मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने के लिए स्थानीय समस्याएं एकत्रित कर विकास कराने को सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसके लिए इंडिया 272+ एप्लिकेशन पर कोई भी अपने विचार भेज सकता है। इस एप्लिकेशन में वाट्सएप, ट्विटर व फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट भी जोड़ा गया है। प्रवक्ता मनोज मिश्र के अनुसार, भाजपा का थीम सांग जगा दिया गुजरात को जिसने, देश जगाने वाला है। विजय पताका फहराकर वो दिल्ली आने वाला है। बेहद लोकप्रिय हो रहा है।

विकास के साथ सौहार्द का संदेश

हाइटेक रथों में समाजवादी पार्टी भी पीछे नहीं। पिछड़ी जातियों में विकास का संदेश देने और सरकार की उपलब्धियां बताने को गत 24 अक्टूबर से निकाली जा रही रथयात्राएं जारी है। कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के नेतृत्व में निकल रही यात्राओं का रुख प्रथम व द्वितीय चरण के मतदान वाले क्षेत्रों की ओर है। प्रचार रथ से नेताजी मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाषणों की सीडी के साथ समाजवादी गानों की गूंज भी सुनाई देगी। समाजवादी व्यापार सभा द्वारा तैयार मुलायम संदेश रथ में सरकार के सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के लिए फैसलों के सार्थक नतीजों को दर्शाया जाएगा। व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल का कहना है कि 56 इंच की एलसीडी स्क्रीन पर नेताजी के चुनिंदा भाषणों के अंशों के साथ ही सरकार की उपलब्धियां व रैलियों की झलक दिखेगी। रथ पर सपा का थीम सांग 'मन से हैं मुलायम, और इरादे लोहा हैं' भी गूंजेगा। उनका दावा है कि सुविख्यात कवि उदय प्रताप सिंह का लिखा और जावेद अली द्वारा गाया गीत लोगों को भा रहा है।

कांग्रेसी रथ मांग पर उपलब्ध

सपा और भाजपा की तरह कांग्रेस के प्रचार रथ भले ही न दौड़ रहे हों परन्तु पार्टी मुख्यालय में मौजूद पुराने रथ को चुनाव के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के मुताबिक रथ में स्वचालित मंच भी बना है। इसके जरिए नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया जा सकेगा। रथ से कांग्रेसी नीतियों और यूपीए सरकार की उपलब्धियों का आडियो-वीडियो प्रचार की सुविधा भी होगी। इस बार विधानसभा चुनाव में प्रचार रथ खूब दौड़ा लेकिन लोकसभा चुनाव में मांग के अनुसार प्रचार रथ उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरी ओर प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल का कहना है, जोनल स्तर से हाईटेक प्रचार अभियान केंद्रीय दफ्तर से मिले निर्देशों के अनुरूप चलेगा।

रालोद का प्रचार

चुनाव प्रचार में हाइटेक तकनीक का इस्तेमाल राष्ट्रीय लोकदल जैसी पार्टी भी कर रही है। प्रचार रथों से चौधरी चरण सिंह व अजित सिंह की नीतियों का प्रसार करने के अलावा हरित प्रदेश गठन का नारा भी बुलंद किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान के मुताबिक प्रचार रथ के साथ सोशल मीडिया पर रालोद अपना दायरा बढ़ाने में जुटा है। यूथ इकाई के हाथ इसकी कमान है। युवा नेता सुनील रोहटा कहते है गांव तक स्मार्ट फोन पहुंच जाने से रालोद की हाईटेक प्रचार मुहिम तेज हुई है।

Source: Lok Sabha Election News 2014

Labels: , , ,