Analysis ec not to ban opinion polls wants centre to make law
ओपीनियन पोल यानी जनमत सर्वेक्षणों को प्रतिबंधित करने के सवाल पर चुनाव आयोग ने मनमोहन सरकार को करारा झटका दिया है। आयोग ने कानून मंत्रालय को टका सा जवाब दिया है कि वह संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर सर्वेक्षणों पर रोक नहीं लगाएगी। उसने गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। आयोग का कहना है कि सरकार ही कानून बनाकर जनमत सर्वेक्षणों को प्रतिबंधित करे।
कुछ दिनों पहले कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत प्रदत्त शक्तियों को इस्तेमाल करते हुए ओपीनियन पोल पर रोक लगाए। सूत्रों के अनुसार आयोग ने मंत्रालय के इस सुझाव पर हाल ही में अपना जवाब भेज दिया है। आयोग ने कहा कि इस मामले में सरकार ही कोई कानून बनाए। यही बेहतर विकल्प होगा। आयोग के मुताबिक, 'सर्वेक्षणों पर रोक लगाने के लिए अनुच्छेद 324 के इस्तेमाल विधि सम्मत नहीं होगा। पूर्व में सरकार ने जैसे कानून बनाकर एग्जिट पोल पर रोक लगा दिया। इस मामले में भी वह ऐसा ही कदम उठाए।' आयोग ने पहले प्रस्तावित किया था कि लोकसभा एवं विधानसभाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी होने से लेकर अंतिम चरण का मतदान होने तक जनमत सर्वेक्षणों के परिणाम के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाई जाए।
कुछ दिनों पहले कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत प्रदत्त शक्तियों को इस्तेमाल करते हुए ओपीनियन पोल पर रोक लगाए। सूत्रों के अनुसार आयोग ने मंत्रालय के इस सुझाव पर हाल ही में अपना जवाब भेज दिया है। आयोग ने कहा कि इस मामले में सरकार ही कोई कानून बनाए। यही बेहतर विकल्प होगा। आयोग के मुताबिक, 'सर्वेक्षणों पर रोक लगाने के लिए अनुच्छेद 324 के इस्तेमाल विधि सम्मत नहीं होगा। पूर्व में सरकार ने जैसे कानून बनाकर एग्जिट पोल पर रोक लगा दिया। इस मामले में भी वह ऐसा ही कदम उठाए।' आयोग ने पहले प्रस्तावित किया था कि लोकसभा एवं विधानसभाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी होने से लेकर अंतिम चरण का मतदान होने तक जनमत सर्वेक्षणों के परिणाम के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाई जाए।
इस वर्ष के शुरू में अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने भी अपनी रजामंदी दे दी थी। लेकिन कानून मंत्रालय चाहता था कि इस बारे में अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करे। ध्यान रहे कि पिछले वर्ष हुए पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव से पूर्व ओपीनियन पोल पर रोक को लेकर भाजपा और कांग्रेस आपस में भिड़ गई थी। सर्वेक्षणों में पिछड़ती दिख रही कांग्रेस ने जहां इन्हें प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया, वहीं भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों ने इस तरह की किसी भी कोशिश का विरोध किया।
बहरहाल इस मामले में सरकार ही हीलाहवाली करती रही। 28 फरवरी को आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि कानून में संशोधन कर चुनावों के दौरान सर्वेक्षणों को प्रतिबंधित करने के उसके प्रस्ताव पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
Source: Lok Sabha Elections 2014 Dates
Labels: election news 2014, Lok Sabha Elections 2014 Candidates, lok sabha elections 2014 opinion poll, Lok Sabha Elections 2014 Prediction, lok sabha elections 2014 schedule
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