Now sp leader comments on bsp supremo mayawati
अभी सहारनपुर में कांग्रेस प्रत्योशी इमरान मसूद द्वारा नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जहर उगलने का मामला थमा भी नहीं था कि शामली में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा के कैराना लोकसभा प्रत्यासी नाहिद हसन ने मायावती के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कर बखेड़ा खड़ा कर दिया।
नाहिद ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी की गोद में तीन बार बैठ चुकी हैं। इसके आगे उन्होंने माया और मोदी को अविवाहित बताते हुए ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके लिए आम बोलचाल की भाषा में भी कोई जगह नहीं है। कहा कि पहले मायावती को उनके बाबा ने हराया था, उसके बाद में उनके पिता से एक बार उनका पाला पड़ा था और अब यदि उनसे उसका पाला पड़ा तो आप खुद ही देख लो। उनका मतलब था के 1984 के लोकसभा चुनाव में उनके बाबा अख्तर हसन ने मायावती को हराया था। उसके बाद लखनउ में गेस्ट हाउस कांड उनके पिता मुनव्वर हसन का नाम भी उछला था। अब यदि मायावती उनके सामने प्रचार करने आती है तो वो भी उसे देख लेंगे। साथ ही नाहिद ने कहा कि मायावती का पागल हाथी शामली व कैराना में नही घुस पायेगा। गौरतलब है उनकी मां तबस्सुम हसन ने 2009 में कैराना से लोकसभा सीट से बसपा के ही टिकट पर चुनाव लड़कर संसद पहुंची थी। नाहिद की इस टिप्पंणी के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तमाम दलों ने इसकी निंदा की है।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का हाल यह है जो वीडियो दर्जनों हाथों में पहुंच चुका है उसे हासिल करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। इस संबंध में जब पुलिस प्रशासन से बात की गई तो अधिकारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वीडियो क्लिप एकत्र करने के प्रयास किए जा रहे हें। माना जा रहा है पुलिस प्रशासन पर सत्तारूढ़ पार्टी का दबाव है और इसी कारण मामले में लीपा पोती के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे प्रकरण के मामले में नाहिद हसन से बात करने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
नाहिद ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी की गोद में तीन बार बैठ चुकी हैं। इसके आगे उन्होंने माया और मोदी को अविवाहित बताते हुए ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके लिए आम बोलचाल की भाषा में भी कोई जगह नहीं है। कहा कि पहले मायावती को उनके बाबा ने हराया था, उसके बाद में उनके पिता से एक बार उनका पाला पड़ा था और अब यदि उनसे उसका पाला पड़ा तो आप खुद ही देख लो। उनका मतलब था के 1984 के लोकसभा चुनाव में उनके बाबा अख्तर हसन ने मायावती को हराया था। उसके बाद लखनउ में गेस्ट हाउस कांड उनके पिता मुनव्वर हसन का नाम भी उछला था। अब यदि मायावती उनके सामने प्रचार करने आती है तो वो भी उसे देख लेंगे। साथ ही नाहिद ने कहा कि मायावती का पागल हाथी शामली व कैराना में नही घुस पायेगा। गौरतलब है उनकी मां तबस्सुम हसन ने 2009 में कैराना से लोकसभा सीट से बसपा के ही टिकट पर चुनाव लड़कर संसद पहुंची थी। नाहिद की इस टिप्पंणी के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तमाम दलों ने इसकी निंदा की है।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का हाल यह है जो वीडियो दर्जनों हाथों में पहुंच चुका है उसे हासिल करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। इस संबंध में जब पुलिस प्रशासन से बात की गई तो अधिकारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वीडियो क्लिप एकत्र करने के प्रयास किए जा रहे हें। माना जा रहा है पुलिस प्रशासन पर सत्तारूढ़ पार्टी का दबाव है और इसी कारण मामले में लीपा पोती के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे प्रकरण के मामले में नाहिद हसन से बात करने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
Source: Lok Sabha Elections 2014
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